गुरु पूर्णिमा अर्थात गुरु के प्रति कृतज्ञता अर्पित करने का दिन – ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी

कामठी ता.5 जुलै- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में गुरु पूर्णिमा का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें मार्गदर्शन करते हुए प्रेमलता दीदी ने कहा कि गुरु मात-पिता, शिक्षक एवं जीवन में प्रेरणा देने वाले भी गुरु है परंतु इस संसार रूपी भवसागर से पार ले जाने वाले ,गति सद्गति का मार्ग प्रशस्त करने वाले ,गुरुओं के गुरु सच्चा सतगुरु तो निराकार परमात्मा है जो सर्वधर्म मान्य है ,विश्व के रचयिता विश्व पिता परमात्मा जो अजन्मा है, निराकार है , सर्व आत्माओं के पिता है ,जब विश्व में नाटक के परिवर्तन का समय होता है तब कलयुग के अंत के समय परकाया प्रवेश कर उच्च कोटि की शिक्षा सभी मानव मात्र को देते हैं जिसे श्रीमत अर्थात सर्वोत्तम मत, श्रेष्ठ मत कहा जाता है। परमात्मा गुप्त रीति से यह कार्य कर रहे हैं दिव्य बुद्धि द्वारा उस निराकार की शिक्षाओं को ग्रहण करने के लिए हमें मन को एकाग्र करना है जिसका नाम राजयोग मेडिटेशन है परमात्मा ने दिए हुए मानवीय मूल्य तथा उच्च शिक्षा भरा आदर्श जीवन व्यवहार द्वारा हम प्राणी मात्रा एवं प्रकृति के साथ सद व्यवहार करेंगे ,संकल्पो द्वारा भी पवित्रता की किरणे सारे विश्व में फैलाएंगे ऐसी प्रतिज्ञा करते हैं यही सद्गुरु पिता परमात्मा को सच्ची सच्ची गुरु दक्षिणा होंगी – ऐसे विचार व्यक्त करते हुए सभी ब्रह्माकुमारीज के अनुयायियों को अपने आशीर्वचन से अनुग्रहित किया। इस प्रसंग पर सेवा केंद्र की बहनों ने दीदी जी का शॉल, श्रीफल के द्वारा पौधा देकर सम्मानित किया।

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